ASRCAI Vision 2026: सुरक्षित, जिम्मेदार और सतत एडवेंचर टूरिज्म की ओर भारत का बढ़ता कदम
- PRASHANT KUMAR MASIH

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ASRCAI Vision 2026: सुरक्षित, जिम्मेदार और सतत एडवेंचर टूरिज्म की ओर भारत का बढ़ता कदम

भारत में एडवेंचर टूरिज्म का नया युग
भारत प्राकृतिक विविधताओं से समृद्ध देश है। हिमालय की ऊंची चोटियों से लेकर मध्य भारत के घने जंगलों, गहरी घाटियों, जलप्रपातों और ऐतिहासिक धरोहरों तक, देश का हर क्षेत्र एडवेंचर टूरिज्म की असीम संभावनाओं से भरा हुआ है।
इन्हीं संभावनाओं को नई दिशा देने और सुरक्षित, जिम्मेदार एवं सतत एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एडवेंचर स्पोर्ट्स एंड रॉक क्लाइम्बिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ASRCAI) निरंतर कार्य कर रहा है।
हाल ही में मध्य प्रदेश के तामिया में आयोजित ASRCAI बोर्ड मीटिंग के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने भारत में एडवेंचर टूरिज्म के भविष्य, युवाओं की भूमिका, सुरक्षा मानकों और पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार साझा किए।
ASRCAI Vision 2026
राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत कुमार मसीह का संदेश
राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत कुमार मसीह ने कहा कि भारत में एडवेंचर टूरिज्म केवल एक पर्यटन गतिविधि नहीं, बल्कि युवाओं को नेतृत्व, अनुशासन और आत्मविश्वास प्रदान करने का एक प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा:
"भारत के पास विश्वस्तरीय एडवेंचर डेस्टिनेशन बनने की सभी संभावनाएं मौजूद हैं। आवश्यकता है कि हम सुरक्षा, गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए एडवेंचर टूरिज्म का विकास करें। ASRCAI का उद्देश्य युवाओं को सुरक्षित एवं जिम्मेदार साहसिक गतिविधियों से जोड़ना है।"
उन्होंने यह भी कहा कि एडवेंचर टूरिज्म ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
वाइस प्रेसिडेंट जयेंद्र एम. खोबरागड़े का संदेश
वाइस प्रेसिडेंट जयेंद्र एम. खोबरागड़े ने एडवेंचर गतिविधियों में सुरक्षा और प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा:
"एडवेंचर टूरिज्म का विकास तभी संभव है जब प्रतिभागियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर्स, प्रमाणित उपकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन किसी भी सफल एडवेंचर कार्यक्रम की आधारशिला हैं।"
उन्होंने युवाओं से अधिकाधिक संख्या में एडवेंचर गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे उनके व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है।
सेक्रेटरी अभिषेक शर्मा का संदेश
ASRCAI के सेक्रेटरी अभिषेक शर्मा ने संगठन की भविष्य की योजनाओं और राष्ट्रीय स्तर पर एडवेंचर जागरूकता अभियानों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा:
"भारत में एडवेंचर टूरिज्म का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। हमारा लक्ष्य देशभर में एडवेंचर सुरक्षा, प्रशिक्षण और जागरूकता को बढ़ावा देना है ताकि अधिक से अधिक लोग सुरक्षित तरीके से साहसिक गतिविधियों का अनुभव कर सकें।"
उन्होंने बताया कि ASRCAI आने वाले समय में युवाओं, स्कूलों, कॉलेजों और एडवेंचर उत्साही लोगों के लिए कई प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा।
वाइस सेक्रेटरी पवन श्रीवास्तव का संदेश
वाइस सेक्रेटरी पवन श्रीवास्तव ने एडवेंचर टूरिज्म को युवा सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कहा:
"आज का युवा नई चुनौतियों और नए अनुभवों की तलाश में है। एडवेंचर गतिविधियां उन्हें आत्मनिर्भर, साहसी और जिम्मेदार नागरिक बनने में सहायता करती हैं।"
उन्होंने कहा कि एडवेंचर टूरिज्म युवाओं को प्रकृति से जोड़ने के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का भी प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में एडवेंचर शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है ताकि युवाओं को बचपन से ही आउटडोर लर्निंग और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक बनाया जा सके।
एग्जीक्यूटिव मेंबर वैभव वर्मा का संदेश
एग्जीक्यूटिव मेंबर वैभव वर्मा ने एडवेंचर टूरिज्म को रोजगार और उद्यमिता का मजबूत माध्यम बताया।
उन्होंने कहा:
"एडवेंचर टूरिज्म आने वाले वर्षों में लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है। ट्रेकिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, कैंपिंग, साइक्लिंग और आउटडोर एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।"
उन्होंने स्थानीय समुदायों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को प्रशिक्षित करके उन्हें पर्यटन विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।
मध्य प्रदेश: एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं
मध्य प्रदेश को प्राकृतिक सौंदर्य का हृदय कहा जाता है। यहां स्थित तामिया, पचमढ़ी, भेड़ाघाट, कान्हा, सतपुड़ा, अमरकंटक और पन्ना जैसे क्षेत्र एडवेंचर गतिविधियों के लिए आदर्श स्थान हैं।
इन क्षेत्रों में निम्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है:
रॉक क्लाइम्बिंग
रैपलिंग एवं एब्सेलिंग
ट्रेकिंग
साइक्लिंग अभियान
कैंपिंग
जंगल ट्रेल्स
नेचर इंटरप्रिटेशन
एडवेंचर एजुकेशन प्रोग्राम
सुरक्षा और सतत पर्यटन: ASRCAI की प्राथमिकता
ASRCAI का मानना है कि किसी भी एडवेंचर गतिविधि की सफलता उसके सुरक्षा मानकों पर निर्भर करती है।
संगठन निम्न सिद्धांतों का पालन करता है:
✓ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानक
✓ प्रशिक्षित और प्रमाणित इंस्ट्रक्टर्स
✓ उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण
✓ जोखिम प्रबंधन प्रणाली
✓ प्राथमिक उपचार और आपातकालीन सहायता
✓ पर्यावरण संरक्षण के नियम
पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन
बोर्ड सदस्यों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को समान महत्व दिया जाना चाहिए।
ASRCAI "Leave No Trace" सिद्धांत को बढ़ावा देता है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक प्रतिभागी प्राकृतिक स्थलों की स्वच्छता और संरक्षण की जिम्मेदारी निभाता है।
ASRCAI Vision 2026
संगठन की आगामी प्राथमिकताएं:
✅ राष्ट्रीय एडवेंचर जागरूकता अभियान
✅ रॉक क्लाइम्बिंग एवं रैपलिंग कार्यक्रम
✅ साइक्लिंग एक्सपेडिशन
✅ युवा नेतृत्व विकास कार्यक्रम
✅ एडवेंचर सुरक्षा प्रशिक्षण
✅ इको-टूरिज्म परियोजनाएं
✅ पर्यावरण संरक्षण अभियान
✅ स्कूल एवं कॉलेज एडवेंचर आउटरीच प्रोग्राम
निष्कर्ष
ASRCAI के सभी पदाधिकारियों का मानना है कि भारत एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व प्राप्त कर सकता है। इसके लिए सुरक्षा, प्रशिक्षण, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत कुमार मसीह, वाइस प्रेसिडेंट जयेंद्र एम. खोबरागड़े, सेक्रेटरी अभिषेक शर्मा, वाइस सेक्रेटरी पवन श्रीवास्तव और एग्जीक्यूटिव मेंबर वैभव वर्मा के नेतृत्व में ASRCAI देशभर में सुरक्षित, जिम्मेदार एवं सतत एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
"साहस, सुरक्षा और सतत विकास" के इसी संकल्प के साथ ASRCAI भारत में एडवेंचर टूरिज्म की नई कहानी लिख रहा है।





















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